माँ बनैलिया के जयकारों से आज गूंज उठा नौतनवा नगर

माँ बनैलिया के जयकारों से आज गूंज उठा नौतनवा नगर
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क:
भारत–नेपाल सीमा से सटे विख्यात नगर नौतनवा में स्थित शक्तिपीठ माँ बनैलिया के 35वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज भव्य शोभायात्रा का आयोजन बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ किया गया। शोभायात्रा मन्दिर परिसर से प्रारंभ होकर गांधी चौक, सरदार शहीद भगत सिंह चौक, हनुमान चौक, पुरानी नौतनवा, अटल चौक, घंटा घर, पुनः सरदार शहीद भगत सिंह चौक व खनुवा चौराहा होते हुए मन्दिर परिसर पहुंचकर सम्पन्न हुई।
शोभायात्रा के गुजरने वाले समस्त मार्गों को नगर पालिका अध्यक्ष बृजेश मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में पूरी तरह साफ-सफाई कर धुलवाया गया, जिससे नगर अत्यंत स्वच्छ, सुंदर एवं मनमोहक नजर आया। पालिका अध्यक्ष द्वारा श्रद्धालुओं के लिए स्टाल लगाकर प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसकी भक्तों ने सराहना की।
इसी क्रम में नौतनवा नगर के वरिष्ठ समाजसेवी नंदलाल जायसवाल पुराने नौतनवा चौराहे पर जुलूस में चल रहे श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया। स्वागत के इस क्रम में नौतनवा नगर के तमाम समाजसेवी राजनीतिक व्यक्ति शोभायात्रा में शामिल हुए।
शोभायात्रा के दौरान भक्ति गीतों, मां के जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। माँ बनैलिया की आकर्षक और मनमोहक झांकी के दर्शन हेतु श्रद्धालु बड़ी संख्या में उमड़ पड़े। शोभायात्रा में महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों की भारी भागीदारी देखने को मिली। आगे-आगे माँ बनैलिया की झांकी और उसके पीछे भगवान शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण की झांकियां तथा भगवान शिव के तांडव नृत्य ने विशेष आकर्षण का केंद्र बना, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
इस पावन अवसर पर अधिशासी अधिकारी संदीप कुमार सरोज, सभासद धर्मात्मा जायसवाल, अनिल मद्धेशिया, संजय पाठक, अनिल जायसवाल, अशोक रौनियार, संजय मौर्या, विशाल जायसवाल, अमित यादव, राकेश जायसवाल, राहुल दूबे, अभय कुमार, सुरेंद्र बहादुर, दुर्गेश कुमार सहित राजकुमार गौड़, उमेश मणि, विजय उपाध्याय, प्रमोद पाठक, दिनेश मणि त्रिपाठी, सुनील कुमार गौड़, नितेश त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समापन के साथ ही श्रद्धालुओं ने माँ बनैलिया से नगर एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। शोभायात्रा के सफल आयोजन से पूरे नगर में उत्सव और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महाराजगंज— उत्तर प्रदेश।





