हाथ में तलवार, सिर पर पगड़ी… नौतनवा गरबा में जब साक्षात ‘झाँसी की रानी’ बन पहुंचीं अंजली त्रिपाठी!
हाथ में तलवार, सिर पर पगड़ी… नौतनवा गरबा में जब साक्षात ‘झाँसी की रानी’ बन पहुंचीं अंजली त्रिपाठी!
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क:
नवरात्रि की पावन बेला में जहाँ पूरा देश माँ जगदम्बा की भक्ति में लीन है, वहीं नौतनवा की धरती पर नारी के अदम्य साहस, सम्मान और स्वाभिमान का एक बेहद भावुक और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। नौतनवा के ‘व्हाइट हाउस द मैरिज हॉल’ में आयोजित भव्य नवरात्रि गरबा महोत्सव उस वक्त तालियों की गड़गड़ाहट और गर्व के आंसुओं से गूंज उठा, जब शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में मिसाल बनीं बचपन प्ले स्कूल एवं एबी इंटरनेशनल स्कूल की डायरेक्टर अंजली त्रिपाठी को ‘नारी शक्ति सम्मान’ से नवाजा गया।
सिर पर पगड़ी और हाथ में तलवार: विरांगना रूप में हुआ सम्मान
पूर्व चेयरमैन गुड्डू खान और पूर्व चेयरमैन नायला खान द्वारा आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में अंजली त्रिपाठी को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। सम्मान के क्षणों में जब उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाई गई और हाथों में स्वाभिमान की प्रतीक तलवार सौंपी गई, तो मंच पर मानो साक्षात ‘झाँसी की रानी’ वीरांगना लक्ष्मीबाई का स्वरूप जीवंत हो उठा। यह केवल एक स्मृति चिह्न या उपहार नहीं था, बल्कि हर उस महिला के संघर्ष, नेतृत्व और आत्मविश्वास को नमन था जो समाज को नई दिशा दे रही है।
नवरात्रि केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं है, यह नारी के भीतर छुपी महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की शक्ति को पहचानने का अवसर है। अंजली त्रिपाठी को इस रूप में सम्मानित करना समाज को यह खूबसूरत संदेश देता है कि आज की नारी सिर्फ चौखट तक सीमित नहीं है; वह अपने परिवार, शिक्षा जगत और पूरे समाज का नेतृत्व करने का साहस रखती है।
जैसे ही यह सम्मान प्रदान किया गया, वहां मौजूद हर शख्स का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। उनके परिवार, शुभचिंतकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के चेहरे पर छाई खुशी इस बात का सबूत थी कि जब एक महिला का सम्मान होता है, तो पूरा समाज गौरवान्वित महसूस करता है।
बता दे कि यह आयोजन नौतनवा की यादों में हमेशा के लिए एक मिसाल बनकर दर्ज हो गया है।
महाराजगंज— उत्तर प्रदेश।


