चरस तस्करों ने लड़कियों को बनाया कैरियर, सीमावर्ती क्षेत्रों में डाला डेरा

नेपाल पुलिस ने चलाया अभियान एक सप्ताह में 3 7 किलो चरस बरामद, तीन गिरफ्तार।
आई एन न्यूज कपिलवस्तु नेपाल:
भारत नेपाल बार्डर के नेपाली भूमि कपिलवस्तु को मादक पदार्थ के तस्करो ने ट्राजिंट सेन्टर बनाकर चरस की खेप को भारत में खपा रहे है। मादक पदार्थ के कारोबार पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने एक विशेष अभियान चला रखा है।
बता दें कि चरस के कारोबारी सीमावर्ती क्षेत्र में डेरा डालकर कैरियर के माध्यम से नेपाल से भारत में भेज रहे हैं। पहाड़ी जिला रुकुम रोल्पा बाग्लुग समेत कई जिले जो चरस उत्पादन का क्षेत्र माना जाता है। इन जिलो से चरस खरीद कर सरहदी क्षेत्रो में डम्प कर भारत में भेज रहे है। नेपाल पुलिस ने चरस के बढ़ते तस्करी के सूचना पर तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एक अभियान चला रखा है।
कपिलवस्तु जिले के पुलिस प्रवक्ता एवं पुलिस उपअधीक्षक रवी रावल ने मादक पदार्थ के तस्करी पर नियंत्रण के लिए एक विशेष अभियान चलाने की बात कही है । इस अभियान में प्रदेश पुलिस मुख्यालय दांग तथा भारतीय पुलिस से समन्यवय स्थापित करके तस्करों पर अंकुश लगाने की बात कही है। उन्होने यह भी कहा है की भारत नेपाल का खुला सीमा होने का फायदा मादक पदार्थ के कारोबारी हमेशा उठाते रहे हैं। रुकुम रोल्पा समेत विभिन्न पहाड़ी जिलों में चरस उत्पादन करके भारत के विभिन्न स्थानों से सीमावर्ती क्षेत्रो में रखकर महिलाओ के माध्यम से भारत में भेजते रहे हैं। इस तस्करी के कारोबार में बेरोजगार गरीब पहाड़ी क्षेत्र के महिलाओं को तस्कर कैरियर के रूप में इस्तेमाल करते है।जिसके मद्देनजर पुलिस ने एक अभियान चला रखा है। पिछले 10 दिनों में 37 किलो चरस बरामद कर तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किए जाने की खबर है । इस धर पकड़ से मादक पदार्थ के कारोबारियों के होश उड़ गए हैं और वह भूमिगत हो लिये । जब कि पुलिस इनके तलास में जुट गयी है और भारतीय सुरक्षा एजेसियों को भी इनके संबंध में जानकारी दी है।









