पहाड़ो की बादियो मे धीमा पड़ा हैप्पी न्यू ईयर की गूंज –
भारत के नोट बन्दी का सीधा असर नेपाल के पर्यटन पर —
आई एन न्यूज सोनौली डेस्क / महाराजगंज
पड़ोसी देश नेपाल के वादियों में इस बार कुछ हृद तक सन्नाटा छाया हुआ है ना हीं थर्टी फर्स्ट का कोई उत्साह है और ना ही नव वर्ष 2017 का कोई धमाल। पिछले वर्ष की अपेक्षा पर्यटकों की आवाजाही भी काफी कम है । सर्वाधिक प्रभावित होटल व्यवसाय से जुड़े लोग प्रभावित हुए हैं । 31 दिसंबर तक नववर्ष मनाने वालो मे काफी कमी दर्ज की गई है। होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का अपना मानना है कि भारत में नोट बंद ही इसका प्रमुख कारण है। सिद्वार्थ एसोसिएशन आफ ट्रेवल एण्ड टूर एजेंटस संघ लुंबिनी के अध्यक्ष चंद्र थापा एवं कार्य समिति सदस्य श्री चंद गुप्ता ने बातचीत मे बताया कि काठमांडू के होटलों की बुकिंग तो कुछ ठीक-ठाक है । लेकिन पोखरा लुम्बिनी चितवन में स्थित होटलो की स्थित काफी दयनीय है । पिछले वर्ष की अपेक्षा अभी तक महज 10 से 20 फ़ीसदी ही होटलों की बुकिंग है। एक तरफ जहां चितवन महोत्सव चल रहा है उससे भी कोई विशेष असर पर्यटको पर नहीं पड़ा है। खासा चहल पहल नही हो पाया है । भारतीय पर्यटक इस नोट बंदी मे अपना बजट बड़ा ही सोच समझकर प्रयोग कर रहे हैं । एक तरफ भारत मे नोट बन्दी दुसरी तरफ भारतीय मुद्राओ का नेपाल मे चलन पर प्रतिबंध के साथ ही राजनैतिक दलो की बन्दी ने पर्यटन व्यवसाय को काफी प्रभावित किया है । पर्यटको की संख्या को देखते हुए रुपन्देही मे हैपी न्यू ईयर की रौनक फीका पड़ गया है । इस बार पहाडो के बादियो मे हैपी न्यू ईयर बोलने वालो की संख्या काफी कम है ।





