आजमगढ़ के तीन युवक सोनौली बॉर्डर पर पकड़े गए,नाबालिग लड़कियों को ले जा रहे थे नेपाल
आजमगढ़ के तीन युवक सोनौली बॉर्डर पर पकड़े गए,नाबालिग लड़कियों को ले जा रहे थे नेपाल
इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क बनाए और फुसलाकर तीन नाबालिक लड़कियों को ले जा रहे थे नेपाल, पुलिस मुकदमा दर्ज करने में कर रही हीला हवाली, हिंदू संगठन के लोग आक्रोश में।
आई एन न्यूज सोनौली डेस्क:
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली बॉर्डर पर सोमवार दोपहर एक बड़ी मानव तस्करी की साजिश को महिला एवं सामाजिक संगठनों की सतर्कता से विफल कर दिया गया। आजमगढ़ निवासी तीन संदिग्ध मुस्लिम युवकों को तीन नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर नेपाल ले जाते समय सीमा पर पकड़ लिया गया और स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, तीनों लड़कियों का परिचय इन युवकों से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुआ था। युवकों ने खुद को लड़कियों की जाति से संबंधित बताकर पहले एक जौनपुर की सिंह परिवार की नाबालिग बालिका से संबंध बनाए, फिर उसके माध्यम से गोरखपुर की दो अन्य नाबालिग लड़कियों से संपर्क किया। तीनों को बहला-फुसलाकर नेपाल ले जाने का प्रयास किया जा रहा था।
सीमा पर मौजूद महिला संगठन की महिलाओं की नजर में आई, तो उन्होंने पहले तीनों लड़कियों को रोका। थोड़ी ही देर में तीनों युवक भी उन्हें छुड़ाने के प्रयास में पहुंचे, जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तुरंत पुलिस को बुला लिया। मौके पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता ओम प्रकाश वर्मा, संदीप सिंह, प्रेम जायसवाल और नन्हे जायसवाल भी पहुंचे और तीनों युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए थानाध्यक्ष सोनौली को लिखित तहरीर सौंपी।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि लड़कियों की मूल शिकायतें जौनपुर और गोरखपुर जनपदों से जुड़ी हैं, अतः तीनों आरोपियों को गोरखपुर पुलिस को सौंपा जाएगा। पुलिस द्वारा स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज न किए जाने को लेकर हिंदू संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। उनका आरोप है कि यह घटना एक योजनाबद्ध साजिश है, जिसमें नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर नेपाल ले जाकर उनका शोषण किया जाना था।
संगठनों का कहना है कि यदि इस तरह के मामलों में स्थानीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो सीमा क्षेत्र मानव तस्करी का अड्डा बन सकता है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है, लेकिन मुकदमा दर्ज करने को लेकर टालमटोल का रवैया अपनाया जा रहा है।
स्थानीय संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से स्थानीय थाना सोनौली में एफआईआर दर्ज कर, आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
महाराजगंज– उत्तर प्रदेश।





