यूपी० में उद्योग एवं व्यापार से जुड़े 13 अधिनियमों से आपराधिक प्रावधान हटाने की तैयारी

यूपी० में उद्योग एवं व्यापार से जुड़े 13 अधिनियमों से आपराधिक प्रावधान हटाने की तैयारी

यूपी० में उद्योग एवं व्यापार से जुड़े 13 अधिनियमों से आपराधिक प्रावधान हटाने की तैयारी
आई एन न्यूज लखनऊ डेस्क :
उत्तर प्रदेश में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश सरकार, व्यापार और उद्योग से जुड़े 13 राज्य अधिनियमों में निहित लगभग 99% आपराधिक प्रावधानों को समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रही है।
इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में कारोबारी माहौल को अधिक अनुकूल, व्यावहारिक और निवेश-प्रेरित बनाना है। सरकार की इस कार्रवाई से विभिन्न व्यवसायों और औद्योगिक संस्थानों को कानूनी जटिलताओं और दंडात्मक कार्रवाइयों से राहत मिलने की संभावना है।
गैर-आपराधिक श्रेणी में बदलाव:
अब तक जिन प्रावधानों के उल्लंघन पर आपराधिक कार्रवाई जैसे गिरफ्तारी या सजा का प्रावधान था, उन्हें अब गैर-आपराधिक (civil) श्रेणी में बदला जाएगा। इसके तहत जुर्माना या चेतावनी जैसे विकल्प दिए जाएंगे, जिससे कानून का पालन सुनिश्चित तो होगा, लेकिन व्यवसायों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा।
देश में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर पहल:
यह कदम उत्तर प्रदेश को देश का पहला ऐसा राज्य बना देगा जो इतनी बड़ी संख्या में आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर रहा है। यह पहल न केवल ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को बल देगी, बल्कि प्रदेश को एक निवेशक-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करने में भी सहायक होगी।
व्यावसायिक समुदाय में उत्साह:
इस निर्णय की सूचना मिलते ही व्यावसायिक संगठनों और निवेशकों में सकारात्मक उत्साह देखा जा रहा है। व्यापारियों का मानना है कि यह कदम उद्योगों को बढ़ावा देगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ की दिशा में एक ठोस प्रयास मानी जा रही है, जो उत्तर प्रदेश को उद्योग और निवेश के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखती है।
उत्तर प्रदेश।

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