नौतनवा में ए.बी. इंटरनेशनल स्कूल ने मनाया टीचर्स डे का प्री-सेलिब्रेशन
नौतनवा में ए.बी. इंटरनेशनल स्कूल ने मनाया टीचर्स डे का प्री-सेलिब्रेशन, बच्चों ने जताया प्रेम और सम्मान
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क:
नौतनवा स्थित ए.बी. इंटरनेशनल स्कूल में टीचर्स डे का प्री-सेलिब्रेशन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने शिक्षकों के साथ मिलकर एक भावुक और प्रेरणादायक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा केक काटकर की गई, जिससे उत्सव का माहौल बन गया।
इस अवसर पर बच्चों को गुरु, ज्ञान, रौशनी, शक्ति, आदर और सम्मान जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों से परिचित कराया गया। शिक्षकों ने उन्हें शिक्षक दिवस का महत्व बताते हुए कई प्रेरणाप्रद कहानियाँ सुनाईं। बच्चों को यह बताया गया कि हर व्यक्ति के जीवन में गुरु का विशेष स्थान होता है। गुरु ही वह मार्गदर्शक होते हैं जो हमें जीवन में सही और गलत का अंतर समझाते हैं।
बच्चों ने अपने टीचर्स को उपहार देकर उनके प्रति अपने प्रेम और सम्मान को प्रकट किया। कई बच्चों ने मंच पर आकर अपने शिक्षकों के लिए भावनात्मक पंक्तियाँ प्रस्तुत कीं, जिससे वातावरण भावविभोर हो गया। कुछ बच्चे अपने पसंदीदा शिक्षकों की तरह तैयार होकर आए और उनका रोल प्ले किया, जिससे सभी शिक्षक प्रसन्न हो उठे।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से बच्चे आदित्य, सिया, अद्विक, किरनप्रीत, अविका, ईशानवी, अथर्व, मोहम्मद हमज़ा, तारीख, हारिस, अनाया, अनन्या, शिवांश, ॐ, रूद्र, प्रिशा, इशविका, अद्विका, आनंदी, देवांश, अर्पित, अधीरज और क्षितिजा शामिल रहे।
वहीं शिक्षकों में श्रद्धा, रिंकल, अंशिका, प्रीती, मनिता, अंजली, ईशा, प्रियंका, मोनिका, वैष्णवी और कृतिका की अहम भूमिका रही।
स्कूल की डायरेक्टर अंजली जी ने सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ दीं और ईश्वर का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का पहला विद्यालय उसका घर होता है और उसके माता-पिता उसके पहले शिक्षक होते हैं। हमें अपने प्रथम गुरु और सभी शिक्षकों का सदैव आदर और सम्मान करना चाहिए।
अंजली जी ने अपने सभी गुरुओं को याद करते हुए उनकी शिक्षाओं को बच्चों एवं शिक्षकों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं और उनमें संस्कारों का बीजारोपण करते हैं।
अंत में अंजली जी ने कहा – “गुरु द्वारा दिया गया ज्ञान अनमोल होता है, और शिक्षक होना हमारे लिए गर्व की बात है।”
महाराजगंज– उत्तर प्रदेश।








































