सोनौली बॉर्डर पर GST इंटेलिजेंस का बड़ा एक्शन: 10 घंटे चली छापेमारी
सोनौली बॉर्डर पर GST इंटेलिजेंस का बड़ा एक्शन: 10 घंटे चली छापेमारी, ट्रांसपोर्ट संचालक हिरासत में
आई एन न्यूज सोनौली डेस्क:
भारत-नेपाल के सोनौली बॉर्डर पर सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब (डीजीजीआई) लखनऊ की टीम ने एक ट्रांसपोर्ट फर्म पर अचानक छापेमारी कर दी। करीब 10 घंटे तक चली सघन कार्रवाई के बाद टीम ने ट्रांसपोर्ट संचालक बंटी सिंह (निवासी नौतनवा) को हिरासत में ले लिया और कार्यालय से कंप्यूटर सिस्टम, हार्ड डिस्क व अहम वित्तीय दस्तावेज जब्त कर अपने साथ ले गई।
सूत्रों के मुताबिक, सोमवार सुबह लगभग आठ बजे एसआईओ केएम यादव के नेतृत्व में डीजीजीआई की टीम सर्च वारंट के साथ सोनौली पहुंची। टीम ने सबसे पहले ‘देवकीनंदन ट्रांसपोर्ट’ कार्यालय को अपने कब्जे में लेकर अंदर-बाहर की गतिविधियों पर नियंत्रण किया और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच के दौरान संचालक मौके पर नहीं मिला तो अधिकारी सीधे नौतनवा स्थित उसके आवास पहुंचे। वहां से उसे हिरासत में लेकर दोबारा सोनौली कार्यालय लाया गया। इसके बाद दिनभर रिकॉर्ड खंगाले गए और डिजिटल डाटा की बारीकी से जांच की गई।
क्या हैं आरोप?
मामला जीएसटी चोरी, फर्जी ई-वे बिल और संदिग्ध रिफंड क्लेम से जुड़ा बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि कई फर्मों के नाम पर बड़े पैमाने पर बिलिंग कर कर रिफंड लिया गया। जांच के दौरान जीएसटी रिटर्न, खरीद-बिक्री बिल, बैंक लेनदेन विवरण और कंप्यूटर डाटा जब्त किया गया है।
बढ़ सकता है जांच का दायरा
शाम करीब सात बजे टीम जब्त अभिलेखों और हिरासत में लिए गए संचालक को अपने साथ लेकर रवाना हो गई। अधिकारियों ने औपचारिक बयान देने से इंकार किया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
गौरतलब है कि बीते वर्ष भी डीजीजीआई लखनऊ की टीम ने नौतनवा और सोनौली क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की थी। उस समय एक स्थानीय चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका भी जांच के घेरे में आई थी।
अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डाटा की फॉरेंसिक जांच के बाद बड़े नेटवर्क के खुलासे की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पूरे प्रकरण पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।
महाराजगंज —उत्तर प्रदेश।





