शिक्षा, साहित्य, समाज और संस्कृति के समन्वय से होगा चरित्र निर्माण : डॉ. इंद्र कुमार काफले
शिक्षा, साहित्य, समाज और संस्कृति के समन्वय से होगा चरित्र निर्माण : डॉ. इंद्र कुमार काफले
आई एन न्यूज आनंदनगर डेस्क। लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज आनंदनगर एवं लुंबिनी बुद्धिस्ट यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि डॉ. इंद्र कुमार काफले ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य चरित्र निर्माण है और यह तभी संभव है जब शिक्षा, साहित्य, समाज और संस्कृति समन्वित रूप से कार्य करें। उन्होंने ज्ञान को केवल सूचना तक सीमित न रखकर उसे मानवीय संवेदनाओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने पर बल दिया।
“शिक्षा, साहित्य, समाज और संस्कृति का वैश्विक विमर्श : चुनौतियां, अवसर एवं संभावनाएं” विषयक संगोष्ठी में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. अश्विनी कुमार शर्मा ने एआई और तकनीकी दक्षता को समय की आवश्यकता बताते हुए मानव केंद्रित शिक्षा, बहुसांस्कृतिक संवाद और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। विशिष्ट वक्ता एवं ‘वाटर वूमेन’ के नाम से प्रसिद्ध शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण को मानव सभ्यता के लिए अनिवार्य बताते हुए अंधाधुंध पेड़ों की कटाई और जल स्रोतों के क्षरण पर चिंता व्यक्त की।
कॉलेज के प्रबंधक डॉ. बलराम भट्ट ने समाज को साझा मूल्यों और परंपराओं का जीवंत तंत्र बताते हुए वैश्वीकरण के दौर में संतुलित विकास की आवश्यकता पर बल दिया। संगोष्ठी के संयोजक आचार्य दयानिधि और प्राचार्य डॉ. राम पांडे ने शिक्षा, साहित्य, समाज और संस्कृति को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया तथा अतिथियों का स्वागत किया। दो दिवसीय आयोजन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में कुल 54 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें भारत और नेपाल के अनेक विद्वानों, आचार्यों एवं शोधार्थियों ने सहभागिता की।
महाराजगंज— उत्तर प्रदेश।



