बच्चे नीचे बैठेंगे तो हम कुर्सी पर कैसे बैठें?” विधायक ऋषि त्रिपाठी ने कही दिल छू लेने वाली बात, देखें VIDEO

बच्चे नीचे बैठेंगे तो हम कुर्सी पर कैसे बैठें?” विधायक ऋषि त्रिपाठी ने कही दिल छू लेने वाली बात, देखें VIDEO

कुर्सी छोड़कर खड़े-खड़े बच्चियों से किया संवाद, अपने हाथों से खिलाई कृमिनाशक दवा;
आई एन न्यूज रतनपुर डेस्क: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर नौतनवा ब्लॉक के ग्राम रतनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पहुंचे विधायक ऋषि त्रिपाठी ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी कुशलता जानी। इस दौरान विधायक का एक छोटा-सा निर्णय वहां मौजूद शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ बच्चों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।
विद्यालय में बच्चों के बैठने की व्यवस्था नीचे की गई थी, जबकि विधायक, अध्यापकों और डॉक्टर के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं। जैसे ही विधायक की नजर इस व्यवस्था पर पड़ी, उन्होंने तत्काल सवाल किया—“बच्चे नीचे बैठेंगे और हम कुर्सी पर बैठेंगे? यह अच्छा नहीं लगता। क्या बच्चों के लिए कुर्सी नहीं है?”
विधायक के इस सवाल पर वहां मौजूद लोग कुछ पल के लिए अचंभित रह गए। शिक्षकों ने बताया कि बच्चों के लिए कुर्सियां हैं और वे कक्षाओं में लगी हुई हैं। मौजूद लोगों ने विधायक से कुर्सी पर बैठने का आग्रह भी किया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया। विधायक बच्चों के बीच खड़े रहकर ही उनसे संवाद करते रहे।
बच्चों से सवाल-जवाब कर समझाया कृमि मुक्ति का महत्व
विधायक ऋषि त्रिपाठी ने बच्चों से सहज अंदाज में बातचीत करते हुए पूछा कि “आप नीचे क्यों बैठे हैं? आपको यहां क्यों एकत्र किया गया है?” बातचीत के दौरान उन्होंने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के उद्देश्य और कृमि संक्रमण से बचाव के महत्व की जानकारी दी।
इसके बाद बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई गई। विधायक ने बच्चों को समझाते हुए कहा कि यह दवा सुरक्षित है और बच्चों के बेहतर मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए कृमि संक्रमण से बचाव जरूरी है।
उन्होंने बच्चों से स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छ हाथ, साफ-सफाई और सही पोषण स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत नौतनवा ब्लॉक के ग्राम रतनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की कृमि मुक्ति दवा खिलाई गई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह दवा स्वास्थ्य केंद्रों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
कुर्सी से ज्यादा जरूरी बच्चों का सम्मान
विधायक ऋषि त्रिपाठी का कुर्सी पर न बैठकर बच्चों के साथ खड़े रहना वहां मौजूद लोगों के लिए महज एक दृश्य नहीं, बल्कि बच्चों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश बन गया। जनप्रतिनिधि ने यह दिखाया कि बच्चों के बीच पहुंचने का अर्थ केवल औपचारिक कार्यक्रम में शामिल होना नहीं, बल्कि उनके साथ सहज होकर संवाद करना और उनकी सुविधाओं को प्राथमिकता देना भी है।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने बच्चों की बात सुनी, उनकी कुशलता जानी और उन्हें स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता तथा पोषण के प्रति जागरूक किया।
महाराजगंज— उत्तर प्रदेश।,


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