भगवान को भी न आई दया! संतान की सलामती के व्रत के दिन डूबे 3 मासूम
भगवान को भी न आई दया! संतान की सलामती के व्रत के दिन डूबे 3 मासूम
आई एन न्यूज महाराजगंज डेस्क: जीवित्पुत्रिका (जीतिया) पर्व पर जहां माताएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला उपवास रख रही थीं, वहीं महराजगंज जिले के तीन घरों के चिराग बुझ गए। शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर पानी में डूबने से तीन बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई।
सिसवा (छितौनी घाट): देवीपुर आजाद नगर निवासी 16 वर्षीय कृष्णा दोस्तों संग नदी में नहाते समय गहरे पानी में बह गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कृष्णा अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बेटे की लंबी उम्र के लिए व्रत रखी मां मीना सिंह अस्पताल में जब बेसुध होकर अपने निष्प्राण बेटे को उठाने का प्रयास कर रही थीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक उठीं।
कोठीभार (लोहेपार गांव): अपनी मौसी के घर रह रहे 12 वर्षीय किशन की भी पानी में डूबने से जान चली गई।
घुघली (पटखौली गांव): पोखरे में नहाने के दौरान विराट गहरे पानी में समा गया। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पर्व के दिन हुई इन तीन हृदयविदारक घटनाओं ने पूरे इलाके की खुशियों को मातम में बदल दिया। जिन माताओं ने संतान की सलामती के लिए निर्जल व्रत साधा था, उनके आंगन में अब केवल सन्नाटा और चीख-पुकार बाकी है।
महाराजगंज— उत्तर प्रदेश।








































