परसामलिक: गांव ने सुलझाया विवाद, पुलिस ने बढ़ाई रार! जानिए ‘राजा’ भैंसे के गायब होने की पूरी कहानी
परसामलिक: गांव ने सुलझाया विवाद, पुलिस ने बढ़ाई रार! जानिए ‘राजा’ भैंसे के गायब होने की पूरी कहानी
आई एन न्यूज परसामलिक डेस्क:
थाना क्षेत्र के गंगवलिया टोला गंगापुर में ‘क्षेत्र का राजा’ कहे जाने वाले सांड़ (छुट्टा भैंसा) के अचानक गायब हो जाने से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस की अजीबो-गरीब कार्यशैली के कारण सुर्खियों में आ गया है। जनहित में छुट्टा छोड़े गए इस भैंसे के गायब होने के बाद जब गांव के ही चार नामजद लोगों पर गायब करने का आरोप लगा, तो मामला थाने पहुंचा। मगर, परसामलिक पुलिस ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।
पुलिस की इसी लापरवाही के चलते गांव में दो पक्षों के बीच तनाव इस कदर बढ़ा कि खूनी संघर्ष का खतरा मंडराने लगा। हद तो यह रही कि पुलिस महकमा सोता रहा और ग्रामीणों ने खुद पहल करते हुए पंचायत बुलाई। पंचायत में समझदारी दिखाते हुए दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला शांत भी करा लिया।
हैरानी की बात यह है कि जब पंचायत के जरिए मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ गया, तब परसामलिक पुलिस की तंद्रा टूटी। भविष्य में विवाद से अपना पिंड छुड़ाने की जल्दबाजी में पुलिस ने उल्टे गांव के ही 35 निर्दोष लोगों को पाबंद (पाबंद मुचलका) कर दिया। दलील दी गई कि ऐसा गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया है। लेकिन पुलिस की इस जल्दबाज़ी ने बुझ चुकी चिंगारी को फिर से हवा दे दी है और शांत हो चुके मामले को दोबारा गरमा दिया है। ग्रामीणों में पुलिस की इस एकतरफा और अदूरदर्शी कार्रवाई को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि:
गायब हुए छुट्टा भैंसे को खोजने या दोषियों पर कार्रवाई करने में पुलिस पूरी तरह नाकाम रही।
जब मामला खुद-ब-खुद शांत हो गया, तो दोनों पक्षों के लोगों को पाबंद कर गांव में फिर से टकराव और गुटबाजी का माहौल पैदा कर दिया गया।
पुलिस अपनी नाकामी छुपाने और बिना वजह ग्रामीणों को परेशान कर अपना उल्लू सीधा करने में जुटी है। लोगों का यह भी कहना है कि जब अपराध रोकने के समय पुलिस की नींद नहीं खुली, तो मामला सुलझ जाने के बाद पूरे गांव को कानून का डर दिखाकर अशांत करने का औचित्य क्या है?
इस पूरे घटनाक्रम पर जब थानाध्यक्ष परसामलिक विवेक सिंह से बात की गई, तो उन्होंने रटा-रटाया जवाब देते हुए कहा— “मामला संज्ञान में आया है, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक व कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
महाराजगंज— उत्तर प्रदेश।








































