डीएम गोरखपुर ने आईजीआरएस प्रकरणों का निस्तारण न होने से अधिकारयो को लगायी फटकार –
डीएम गोरखपुर ने आईजीआरएस प्रकरणों का निस्तारण न होने से अधिकारयो को लगायी फटकार —
8 विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
आई एन न्यूज गोरखपुर डेस्क
जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने आईजीआरएस प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समय से न होने तथा बैठक में अनुपस्थित रहने पर संबंधित अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए कारण बताओं नोटिस निर्गत करने के निर्देश देते हुए कहा कि दो दिन के अन्दर यदि उत्तर संतोषजनक नही पाया गया तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही हेतु शासन को पत्र संदर्भित कर दिया जायेगा।
उक्त निर्देश जिलाधिकारी ने दी0द0उ0गो0वि0वि0 के संवाद भवन में आयोजित आईजीआरएस की समीक्षा बैठक करते हुए दिया।
उन्होंने कहा कि 30 जून तक के प्राप्त सभी मामलों का निस्तारण 31 जुलाई तक करना था परन्तु लगभग 112 प्रकरण अभी भी लंबित पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि प्रत्येक दशा में समस्त मामलों का निस्तारण आज ही सुनिश्चित कर लिया जाये। अन्यथा उनके विरूद्ध शासन को कार्यवाही हेतु पत्र संदर्भित किया जायेगा। उन्होंने 8 अधिकारियों की अनुपस्थिति को संज्ञान में लेते हुए कारण बताओं नोटिस निर्गत करने के निर्देश दिया और कहा कि ऐसी महत्वपूर्ण बैठक में प्रतिनिधित्व कदापि नही होना चाहिए। संबंधित अधिकारी स्वंय बैठक में भाग लें।
अनुपस्थिति अधिकारियों में सहकारिता, पंचायती राज, जलनिगम, होमगार्ड, पशु चिकित्सा, यूपीएसआईडीसी, सिंचाई तथा सरयू नहर खण्ड के अधिकारियों के नाम सम्मिलित हैं।
श्री रौतेला ने कहा कि समस्त कार्यालयाध्यक्ष/जिला स्तरीय अधिकारी जो आईजीआरएस में सूचीबद्ध हैं वे अपने मोबाइल फोन में जन सुनवाई पोर्टल को डाउनलोड कर लें तथा प्रतिदिन पूर्वान्ह व अपरान्ह में दो बार पोर्टल पर अपने विभाग से संबंधित लंबित संदर्भों का अवलोकन कर उनके ससमय निस्तारण करायें।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि निस्तारण में निष्क्रियता उदासीनता प्रदर्शित करने वाले अधिकारी दण्डित किये जायेंगे।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि आइजीआरएस में जो भी शिकायते दर्ज हो रही हैं उसका गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण समयबद्ध ढंग से कर दिये जाये तथा मौके पर निस्तारित प्रकरणों में स्थानीय गवाहों का नाम एंव उनके मोबाइल नम्बर अवश्य अंकित किये जायें । ताकि निस्तारण की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जा सके। इसके साथ ही रेण्डम आधार पर विभागीय अधिकारी दूरभाष से शिकायत कर्ता से निस्तारण की गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी गण, उप जिलाधिकारी गण, तथा विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी गण उपस्थित रहे।



