काश मुझे भी कोई गोद ले लेता
काश मुझे भी कोई गोद ले लेता
————अपनी बात ————

चित्र परिचय— राजेश मणि त्रिपाठी ,समाज सेवी गोरखपुर
काश मुझे भी कोई गोद ले लेता
मैंने क्या बिगाड़ा है 40 वर्षों से मरते जा रहा हूँ ,मेरी भी इच्छा पढने की है ,मेरी भी इच्छा खेलने की है ,मेरी भी इच्छा माँ की गोद में रहने की है,मेरी भी इच्छा बहन से राखी बंधवाने की है ,मेरी भी इच्छा पापा के साथ रहने की है ,मेरी भी इच्छा दादी और बाबा के गोद में खेलने की है ,मेरी भी इच्छा नानी -नाना के साथ रहने की है ,मेरा मेडिकल कालेज ही कोई गोद ले लेता जहां 40 वर्ष से मेरे साथी मरते हैं ,मेरे विकलांग भाई बहन को कोई गोद ले लेता जो मरने से बचे तो शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग हो गए ….मैंने किसी का क्या बिगाड़ा कि ये दंश झेल रहा हूँ ..प्रधान मंत्री अंकल ,मुख्य मंत्री अंकल ,मंत्री अंकल ,सांसद अंकल ,विधायक अंकल आप सभी से गुजारिश है मुझे गोद ले लो बहुत हो चूका अब ……अब सहन नहीं होता.
{Thanx. Regds. Rajesh. Mani}





