कासगंज हिंसा के बाद DGP ने प्रदेश के सभी जिलों के SSP, SP को जारी किए निर्देश

आई एन न्यूज ब्यूरो लखनऊः 26 जनवरी को कासगंज में हुई हिंसा ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस घटना में विपक्ष योगी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहा है। साथ ही कानून व्यवस्था पर योगी सरकार को फेल बता रहा है। इसके साथ-साथ पुलिस प्रशासन की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। जिसको देखते हुए उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी ओपी सिंह ने कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश के सभी जिलों के एसएसपी, एसपी के लिए निदेश जारी किए हैं।
निष्पक्ष कार्रवाई करने के दिए निर्देश
डीजीपी ने साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करने के साथ ही निर्देश दिया है कि यह भी देखें कि साम्प्रदायिक तनाव किस पक्ष की गलती के कारण उत्पन्न हुआ है। उसका पता लगाकर कार्रवाई की जाए। दोनों पक्षों में संवाद कराकर समाधान कराएं। अराजक तत्वों के मंसूबों को समय रहते निष्क्रिय करें। इसके लिए इंटेलिजेंस रिपोर्ट, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और जनता से भी सहयोग लिया जाए।
दोषी व्यक्तियों के खिलाफ फौरन कार्रवाई हो
ऐसे तत्वों जिनके भ्रमण आदि से साम्प्रदायिक सद्भाव एवं समरसता पर विपरीत प्रभाव पड़ता हो, उनके सम्बन्ध में निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। हर संवेदनशील स्थल पर सीसीटीवी से निगरानी करें। हर ऐसे मामले पर नजर रखें, जिनके कारण साम्प्रदायिक विद्वेष की स्थिति बन सकती है। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे। दोषी व्यक्तियों के खिलाफ फौरन कार्रवाई हो।
सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी करते रहे
जिन स्थानों पर साम्प्रदायिक घटनायें घटित हुई हैं, वहां अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। जनपद स्तर पर महत्वपूर्ण अवसरों, जैसे धार्मिक पर्व, रैली, शोभा यात्रा आदि का वार्षिक कलेन्डर रखा जाय। साम्प्रदायिक घटना के बाद जुलूस निकालने की संभावना को देखते हुए उसके रास्तों पर पर्याप्त सुरक्षा दी जाए। लाउडस्पीकर के ध्वनि मानक का कड़ाई से पालन हो। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी करते रहे।





