गोरखपुर: बाढ़ से निपटने के लिए गोरखपुर में सेना ने की तैयारी
गोरखपुर: बाढ़ से निपटने के लिए गोरखपुर में सेना ने की तैयारी
आई एन न्यूज टीम,गोरखपुर
बाढ़ आएगी तो तबाही मचाएगी। गांव के गांव प्रभावित हो जाएंगे। इस कड़वी सचाई से शासन-प्रशासन वाकिफ है। बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने में सेना की मदद लेनी पड़ सकती है। शासन-प्रशासन ही नहीं सेना भी इससे वाकिफ है। सेना को कभी भी प्रभावित इलाके में जाना पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखकर उसने तैयारियां शुरू कर दी है। संकट के समय आसानी से मौके पर पहुंचने के लिए शुक्रवार को सेना के अधिकारियों ने इलाके की रेकी की।
इलाहाबाद से गोरखपुर पहुंचे सेना के अधिकारियों ने प्रशासनिक और आपदा प्रबंध प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने जिले की भौगोलिक स्थिति की जानकारी ली। मसलन यहां कितनी नदियां हैं। किन-किन नदियों से कौन-कौन सा इलाका प्रभावित होता है। प्रभावित इलाकों में जाने के क्या-क्या मार्ग हैं। कहां-कहां वह सड़क मार्ग से जा सकते हैं। किस इलाके में उन्हें रेलमार्ग से जाने में आसानी होगी। उन्होंने इस बात की भी जानकारी ली कि यदि बाढ़ में ये दोनों मार्ग प्रभावित हो जाएं तो हवाई मार्ग से पहुंचकर कहां-कहां उतरा जा सकता है।
सेना के अधिकारियों ने पुलिस-प्रशासनिक और आपदा के समय मददगार साबित होने वाले विभागों के अधिकारियों के नाम और मोबाइल नम्बर भी जुटाए। सूत्रों का कहना है कि इलाहाबाद से गोरखपुर पहुंची सेना की इस टीम ने ग्रामीण इलाकों में जाकर रेकी की। इसी टीम को महराजगंज, कुशीनगर और देवरिया जिले की भी रेकी की जिम्मेदारी मिली है। टीम में शामिल अधिकारियों ने अन्य तीनों जिलों की भी जानकारियां जुटाई।
इलाहाबाद से सेना के अधिकारी पहुंचे थे। वे बाढ़ से सम्बंधित इलाकों के साथ ही आपदा के दौरान मदद देने वाले विभागों के जिम्मेदारों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। इतना ही नहीं उनके द्वारा बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों में आने-जाने वाले रास्तों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि संकट के समय में रेस्क्यू करने में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
गौतम, जिला आपदा विशेषज्ञ, गोरखपुर
बाढ़ आपदा से राहत को शासन ने भेजा 15 लाख
बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए प्रशासन तैयारी में है। शासन ने अपने तईं मदद भेज दी है। प्रदेश सरकार ने बाढ़ आपदा राहत के लिए आपदा प्रबंध प्राधिकरण को 15 लाख रुपये भेज दिए हैं ताकि किसी भी स्थिति से निपटने में धन की कमी आड़े न आने पाए। आपदा प्रबंध प्राधिकरण का कहना है कि बाढ़ आने से पहले ही मदद की तैयारी करने के लिए पहले 15 लाख रुपये शासन से मिल गए हैं।
अग्निकांड-आपदा पीड़ितों की मदद को विभाग के पास 30 लाख
आपदा प्रबंध प्राधिकरण के पास अग्निकांड या अन्य किसी प्रकार की आपदा में अनहोनी होने पर पीड़ित परिवारों की मदद के लिए 30 लाख रुपये मौजूद हैं। इसके साथ ही प्राधिकरण ने शासन से 50 लाख रुपये और भेजने के लिए प्रस्ताव भी भेज दिया है।








































