महराजगंज जिला कारागार के सिपाही पर हमला करने वाले दो अपराधी गिरफ्तार
आई एन न्यूज महराजगंज ब्यूरो /14नवम्बर l उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिला कारागर में तैनात बंदी रक्षक राणा प्रताप यादव पर बीते 5 नवम्बर को हुए जानलेवा हमले के मामले का खुलासा आज पुलिस ने किया है। पुलिस ने दो हमलावरो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पूछताछ में जिन बातो का खुलासा हुआ उससे यही पता चला है कि बंदी रक्षक राणा प्रताप यादव और कैदी रणविजय से विवाद जेल में विवाद हुआ था। उस वक्त जेल में काजू उर्फ राजमन चौधरी निवासी छितही बुजुर्ग टोला करमहा थाना फरेन्दा सुनील निवासी रामपुर बुजुर्ग थाना कोतवाली सदर जिला महराजगंज और अमरनाथ सहानी निवासी दितही टोला करमहां थाना फरेन्दा जिला महराजगंज भी बंद रहे।
जेल में बंदी रक्षक से हुई तकरार नासूर बन है तो बंदी रक्षक को ही ठीकाने लगाने की प्लानिंग जेल में ही बन गयी। वक्त बीता तो अपराधियों को खुली हवा में सांस लेने का मौका मिला फिर क्या बंदी रक्षक के सामने मौत खडी हो गयी।
दरसल मामला कुछ यूं है। 5 नवम्बर 2016 की रात 12 बजे का वक्त था। जेल के सिपाही राणा प्रताप यादव अपने आवास से कारागार डियूटी पर जा रहे थे। वह ज्यो ही जवाहर नवोदय स्कूल के पास पहुचे त्योंही उनके ऊपर फायरिंग हो गयी। गोली लगने से सिपाही राणा प्रताप यादव घायल हो गये। उन्हे गोरखपुर इलाज के लिए ले जा गया। अभी वह अस्पताल में ही है। इधर जेल के आरक्षी अजय कुमार की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी।
पुलिस ने जिन दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। वे कभी जिला कारागार में बंद थे। तफतीश में जो बाते छनकर सामने आयी है उससे यह पता चला कि जेल में अपनी साख मजबूत करने के मकसद से यह कुछ हुआ। काजू उर्फ राजमन चौधरी, रणविजय, सुनील और अमरनाथ सहानी विभिन्न अपराध में महराजगंज जिलाकारागार में बंद थे। उस वक्तजेल के नशीले पर्दाथ को रखने को लेकर बंदी रक्षक राणा प्रताप और कैदी रणविजय से तकरार हुई थी। यही से सिपाही राणा प्रताप की जान के दुश्मन ये बन बैेठे। जेल से छूटने के बाद काजू, सुनील और अमरनाथ तीनो ने मौत की प्लानिंग की। कारागार के पास कई दिन रेकी किये फिर मोैका देख डियूटी पर जाते हुए सिपाही राणा प्रताप के ऊपर जानलेवा फायर कर दिये।
पूछताछ में गिरफतार सुनील और अमरनाथ ने पुलिस को घटनाक्रम को पुलिस के समक्ष रखा तो जेल में बर्चश्व की बात सामने आयी। घटना के बाद से क्राइम ब्राचं की टीम और स्वाट टीम सहित कोतवाली पुलिस भी तफ्तीश में जुटी थी। 13 नवम्बर की रात मुखबिर की सूचना पर दोनो को दबोचने में सफलता मिली। एसपी प्रमोद कुमार ने घटना का खुलासा करते हुए पुलिस टीम को पांच हजार रूपये पुरस्कार देने की घोषणा की।





