महाराजगंज- गुरु गोविंद सिंह के प्रकाश पर्व पर निकाली गई शोभायात्रा
महाराजगंज- गुरु गोविंद सिंह के प्रकाश पर्व पर निकाली गई शोभायात्रा
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क:
सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व आज बड़ी ही धूमधाम से नौतनवा स्थित गुरुद्वारा साहिब में मनाया गया। इस दौरान गुरुद्वारे में विशेष पूजा अर्चना की गई।
आज मंगलवार को नौतनवा के गुरुद्वारा साहिब से पंच प्यारो की झांकियों के साथ प्रमुख मार्ग पर भजन-कीर्तन के साथ गुरु गोविंद सिंह की शोभायात्रा निकाली गई जो नगर के मुख्य मार्ग पर भ्रमण करते हुए लोगों में प्रसाद वितरण किया गया। गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के नौतनवा अध्यक्ष ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह एक आध्यात्मिक गुरु होने के साथ-साथ एक निर्भयी योद्धा, कवि और दार्शनिक भी थे। गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। गुरु गोविंद सिंह के जन्म दिवस को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। इन्होंने ही गुरु ग्रंथ साहिब को पूर्ण किया। बताया कि गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंत की रक्षा के लिए कई बार मुगलों का सामना किया था। सिखों के लिए 5 चीजें- केस, कड़ा, कच्छा, कृपाण और कंघा धारण करने का आदेश गुरु गोबिंद सिंह ने ही दिया था। इन चीजों को ‘पांच ककार’ कहा जाता है। जिन्हें धारण करना सभी सिखों के लिए अनिवार्य होता है। गुरु गोबिंद सिंह एक लेखक भी थे। उन्होंने स्वयं कई ग्रंथों की रचना की थी। कहा जाता है कि उनके दरबार में हमेशा 52 कवियों और लेखकों की उपस्थिति रहती थी। इसलिए उन्हें ‘संत सिपाही’ भी कहा जाता है। गुरु गोबिंद सिंह को ज्ञान, सैन्य क्षमता आदि के लिए जाना जाता है। गुरु गोबिंद सिंह ने संस्कृत, फारसी, पंजाबी और अरबी भाषाएं भी सीखीं थी। साथ ही उन्होंने धनुष-बाण, तलवार, भाला चलाने की कला भी सीखी। गुरु गोबिंद सिंह के जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है कि जीवन में कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। चाहे परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हो। हमेशा अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए काम करते रहना चाहिए। आप हमेशा कुछ नया सीखते रहेंगे, तो आप में सकरात्मकता का संचार होगा।
बता दे की आज गुरुद्वारे को लाइटों व झालरों से पूरी तरह से सजाया गया था। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में सिख समुदाय की महिला पुरुष बच्चे मौजूद रहे। महाराजगंज उत्तर प्रदेश।





