गोरखपुर विश्वविद्यालय पहुंचीं राज्यपाल और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, शिक्षा व विकास की नई कहानी का शुभारंभ

गोरखपुर विश्वविद्यालय पहुंचीं राज्यपाल और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, शिक्षा व विकास की नई कहानी का शुभारंभ।
आई एन न्यूज गोरखपुर डेस्क:
श्री गोरखनाथ जी की तपोस्थली, आध्यात्म और शिक्षा की ऐतिहासिक भूमि गोरखपुर एक बार फिर गौरवान्वित हुई जब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल गोरखपुर विश्वविद्यालय पहुंचीं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने उनका पारंपरिक अंदाज में अभिनंदन किया।
इसी क्रम में, देश की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का भी गोरखपुर आगमन हुआ। यह अवसर ऐतिहासिक रहा क्योंकि महामहिम राष्ट्रपति पहली बार गोरखपुर की इस पावन धरा पर पधारीं, जिसे महायोगी गुरु गोरक्षनाथ की तपोभूमि के रूप में जाना जाता है। यहां पहुंचकर उन्होंने न केवल श्रद्धा सुमन अर्पित किए, बल्कि पूर्वांचल के शिक्षा, संस्कृति और विकास के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने की भी बात कही।
राष्ट्रपति मुर्मु जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि गोरखपुर शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, और आने वाले समय में यहां से पूर्वांचल के नवयुवकों के लिए ज्ञान, विज्ञान और रोजगार के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यहां की शोध और नवाचार क्षमता देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना की और छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अपने ज्ञान से समाज और राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। गोरखपुर अब न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बल्कि शैक्षणिक उन्नयन की दिशा में भी एक नई कहानी लिखने जा रहा है। गोरखपुर /उत्तर प्रदेश

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