यूपी में बिना चुनाव ही फैसला! राज्यसभा में 8 BJP और 2 सपा प्रत्याशी निर्विरोध जीते, बसपा OUT

यूपी में बिना चुनाव ही फैसला! राज्यसभा में 8 BJP और 2 सपा प्रत्याशी निर्विरोध जीते, बसपा OUT
आई एन न्यूज ​लखनऊ डेस्क।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चल रहा राजनीतिक दांव-पेच आखिरकार बिना किसी मतदान के ही खत्म हो गया। विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के गणित ने पहले से तय नतीजे पर औपचारिक मुहर लगा दी है। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज होने और नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद मैदान में केवल 10 वैध प्रत्याशी ही बचे। नतीजा यह रहा कि 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मतदान की नौबत ही नहीं आई और रिटर्निंग अधिकारी ने सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन का ऐलान कर दिया।
​इस चुनाव के नतीजों ने सूबे की सियासत का एक अहम अध्याय समाप्त कर दिया है। कभी राज्य की राजनीति में मजबूत धुरी रही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का अब उच्च सदन से सूपड़ा साफ हो चुका है और राज्यसभा में उसका प्रतिनिधित्व शून्य पर पहुंच गया है।
​भाजपा का पलड़ा भारी, सपा ने बचाई साख
सदन के गणित के अनुसार भारतीय जनता पार्टी गठबंधन ने अपनी झोली में 8 सीटें डालकर उच्च सदन में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। वहीं, समाजवादी पार्टी 2 सीटें अपने नाम करने में कामयाब रही। खाली हो रही 10 सीटों में से पहले भाजपा के पास 8, सपा के पास 1 और बसपा के पास 1 सीट थी। इस बार बसपा की इकलौती सीट पर भी कब्जा गंवाने के बाद अब उसका राज्यसभा में कोई नामलेवा नहीं बचा।
​कौन-कौन पहुंचा राज्यसभा?
सत्ताधारी भाजपा की ओर से राज्यसभा जाने वालों में राज्य मंत्री धर्मपाल सिंह, पार्टी के ओबीसी मोर्चा प्रमुख प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान शामिल हैं।
​दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के कोटे से पार्टी के रणनीतिकार और वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव के साथ-साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी धनराज परिमल नथवानी निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
​मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जिसके ठीक बाद ये नए निर्वाचित सदस्य अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। विधानसभा की मौजूदा स्थिति ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश के सियासी रण में मुख्य मुकाबला अब सीधे तौर पर भाजपा और सपा के बीच ही सिमट कर रह गया है।
(सूत्र सोशल मीडिया)


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *