हरदीडाली चौराहे पर बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा अस्पताल बंद, स्वास्थ्य विभाग ने की कार्रवाई

हरदीडाली चौराहे पर बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा अस्पताल बंद, स्वास्थ्य विभाग ने की कार्रवाई
आई एन न्यूज सोनौली डेस्क: स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के सीमावर्ती गांव हरदीडाली चौराहे पर बिना रजिस्ट्रेशन संचालित हो रहे एक अस्पताल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर मंगलवार दोपहर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं टीबी रोग के नोडल अधिकारी डॉ. बिरेन्द्र आर्या के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अस्पताल की जांच की। इस दौरान अस्पताल का पंजीकरण नहीं मिला, जिसके बाद विभागीय टीम ने अस्पताल को बंद करा दिया।
जानकारी के अनुसार, हरदीडाली चौराहे की रहने वाली झिनकी देवी ने उक्त अस्पताल के खिलाफ तहसील दिवस और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि अस्पताल में उनके बच्चे का इलाज करने के दौरान चिकित्सक की लापरवाही से उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिरेन्द्र आर्या ने बताया कि झिनकी देवी की ओर से तहसील दिवस और आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने बच्चे के इलाज के दौरान हाथ टूटने का आरोप लगाया था। हालांकि, जांच के दौरान शिकायतकर्ता के पास अस्पताल से संबंधित कोई पर्चा नहीं मिला और मौके पर ओपीडी संचालित होती हुई भी नहीं पाई गई।
उन्होंने बताया कि हरदीडाली स्थित जैस्मिन क्लीनिक एंड फिजियोथेरेपी सेंटर के नाम से भी कोई पंजीकरण नहीं मिला। अस्पताल का पंजीकरण न होने के कारण उसे तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे अस्पतालों और क्लीनिकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों पर निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
महाराजगंज —उत्तर प्रदेश।


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