नौतनवा विधायक अमनमणि त्रिपाठी का एक और कारनामा –

नौतनवा विधायक अमनमणि त्रिपाठी का एक और कारनामा -

नौतनवा विधायक अमनमणि त्रिपाठी का एक और कारनामा -नौतनवा विधायक अमनमणि त्रिपाठी का एक और कारनामा –

–अमनमणि पर लगा जमीन कब्जाने का आरोप, सीएम ने भी पीड़ित को भगाया।
अमन से जुड़ी एक आडियो गूंज रहा नौतनवा विधान सभा क्षेत्र मे ।
आई एन न्यूज गोरखपुर डेस्क:  प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के वादे के साथ पूर्ण बहुमत से सरकार में आई बीजेपी सरकार क्या पूर्ववर्ती सरकार की राह पर है! क्या सरकार के मुखिया पीड़ितों को इंसाफ की जगह धक्के मारकर नाउम्मीद कर सकते हैं! अगर नहीं तो देखिए, आज गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में आए एक पीड़ित की दास्तान, जिसने मुख्यमंत्री पर धक्के मारकर कार्रवाई न होने की बात कहने का आरोप लगाया।
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सीएम के गोरखपुर दौरे पर आज लगने वाले जनता दरबार मे लखनऊ के अलीगंज निवासी प्रॉपर्टी डीलर आयुष सिंघल चिनहट थाना के पपना मऊ में लगभग साढ़े 22 बीघा जमीन के स्वामी हैं, जिस पर कतिपय कुछ बाहुबलियों ने कब्जा कर रखा है। इस संबंध में उन्होंने पिछली सरकार से ही शासन-प्रशासन से तमाम गुहार लगाई, किंतु पिछली सरकार में उनकी सुनवाई ना होने के कारण जब प्रदेश में नई सरकार बनी तो कुछ उम्मीद की किरण दिखाई दी।
संभवत: इस सरकार में उनकी फरियाद सुन ली जाए और इसी आस में वह लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस संबंध में मिले भी,साथ में पिछले 28 मई को गोरखपुर आकर जनता दरबार में भी फिर से न्याय की गुजारिश की। किंतु कार्रवाई के नाम पर नतीजा सिफर रहा।
आज पुन:जब आयुष गोरखपुर के दौरे पर आए सीएम के जनता दरबार में गोरक्षपीठ पहुंचे और अपना प्रार्थना पत्र देकर संक्षिप्त में पूरा घटनाक्रम सुनाना चाहा तो बकौल आयुष मुख्यमंत्री ने उनका प्रार्थना पत्र नचा कर फेंक दिया और कहा कि “आवारा कहीं के जाओ” तुम्हारी सुनवाई कहीं नहीं होगी।
इस घटना से व्यथित आयुष रोते हुए जब मंदिर से बाहर निकले तो मीडियाकर्मियों से उन्होंने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस सरकार से काफी उम्मीदें थी, लेकिन इस सरकार ने भी धक्का मारकर बाहर कर दिया।
आयुष का आरोप है कि उनकी जमीन पर नौतनवा के पूर्व विधायक व मंत्री बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी और वर्तमान विधायक उनके पुत्र अमनमणि त्रिपाठी ने कब्जा कर रखा है। जिसे वापस लेने के लिए वह लगातार दोनों सरकारों में भाग-दौड़ करते रहे,किन्तु इस सरकार में भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
अब जबकि इंसाफ देने वाले द्वारा ही अगर इस तरह से पीड़ितों की व्यथा को नजरअंदाज किया जाता रहा तो फिर आम आदमी को इंसाफ कैसे मिलेगा।
बता दे कि नौतनवा विधान सभा के विधायक अमन मणि त्रिपाठी इन दिनो काफी चर्चा में है उनसे जुड़ा एक आडियो पूरे विधान सभा क्षेत्र में इन दिनो गूज रहा है।

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