भारतीय परंपरागत चिकित्सा पद्धति का पुरी दुनिया ने किया अनुसरण -सीएम योगी
भारतीय परंपरागत चिकित्सा पद्धति का पुरी दुनिया ने किया अनुसरण -सीएम योगी
आई एन न्यूज गोरखपुर डेस्क: पुरी
दुनिया ने किया भारतीय परंपरागत चिकित्सा पद्धति का अनुसरण किया। आयुष विश्वविद्यालय के भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की परंपरागत चिकित्सा पद्धति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक पटल पर पहचान दी। दुनिया के हर देश में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भारतीय परंपरागत चिकित्सा पद्धति का अनुसरण किया गया है।
आज भटहट के पिपरी गांव में गुरू गोरखनाथ आयुष विवि के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहीं।
उन्होंने कहा कि भारत की परंपरागत चिकित्सा पद्धति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक पटल पर पहचान दी। 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जाना इसका प्रमाण है। कोरोना से प्रभावित दुनिया के हर देश में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भारतीय परंपरागत चिकित्सा पद्धति का अनुसरण किया गया है। जो हल्दी प्राचीन काल से हमारे यहां घर-घर में प्रयोग होती है, उसका पानी पीने के लिए कई देशों में लाइन लगती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं निर्देशन में परंपरागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद, योग, यूनानी, होम्योपैथी, नेचुरोपैथी, सिद्ध आदि को मिलाकर आयुष मंत्रालय का गठन किया। उसका अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश ने भी 2017 में आयुष मंत्रालय बनाकर परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने का काम किया। प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र परिषद के मंच से योग को वैश्विक पहचान दिलाने का जो काम किया है, उसी का परिणाम है कि भारतीय परंपरागत चिकित्सा पद्धति तेजी से आगे बढ़ी है।
गोरखपुर उत्तर प्रदेश।





