पिछले जन्मों में कुछ पुण्य होगा कि सौभाग्यशाली समारोह में शामिल होने का अवसर मिला–राष्ट्रपति
पिछले जन्मों में कुछ पुण्य होगा कि सौभाग्यशाली समारोह में शामिल होने का अवसर मिला–राष्ट्रपति
आई एन न्यूज गोरखपुर डेस्क:
मेरे पिछले जन्म का कोई पुण्य ही होगा कि गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होने का यह अवसर मिला है।
उक्त बातें आज शनिवार को गोरखपुर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने कहा।उन्होने गीताप्रेस की शताब्दी वर्ष उद्घाटन समारोह के मंच पर उपस्थित राज्यपाल व मुख्यमंत्री के साथ ही गीता प्रेस से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का अभिनंदन किया और
प्रेस से जुड़े सभी लोगों को दी बधाई दी।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज आप लोगों की उपस्थिति देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे गीता प्रेस की शताब्दी वर्ष समारोह में सम्मिलित होने का अवसर मिला। यह सहयोग है या संयोग मैं नहीं कह सकता लेकिन कहीं ना कहीं मैं इतना जरूर मानता हूं कि पिछले जन्मों में कुछ पुण्य किया होगा कि इस सौभाग्यशाली समारोह में शामिल होने का अवसर मिला।
राष्ट्रपति ने कहा कि गीता प्रेस के कर्मचारियों के मेहनत व यहां के अनुशासन की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि लीला चित्र मंदिर के भ्रमण का भी अवसर प्राप्त हुआ। मैं मुख्यमंत्री जी को कह रहा था कि यह कल्पना है कि चार सौ वर्ष पुरानी चित्रों में अद्भुत नजारा दिख रहा है। जिन चित्रकारों ने इसे बनाया है वह अद्भुत है। जिस इंसान ने भी यह किया होगा उस इंसान के अंदर भगवान की कृपा जरूर रही होगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि लीला चित्र मंदिर में एक गीता की पांडुलिपि को भी देखने का सौभाग्य मिला। उसे दूरबीन से दिखाया गया। मैं हैरान था कि एक छोटे से आकार में पूरी गीता का वर्णन अद्भुत है।
लीला चित्र मंदिर का तारीफ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अभी मुझे एक बार और आना है। कब आना है या कब आना होगा ये संयोग कब बनेगा निश्चित नहीं। लेकिन मेरे मन की इच्छा है और मैं ईश्वर से प्रार्थना करूंगा कि यह मेरी इच्छा जल्द से जल्द पूरी हो।
गोरखपुर उत्तर प्रदेश।



