नाबालिग चोर बालिका का आतंक: पुलिस कप्तान के निर्देश के बाद जागी नौतनवा पुलिस
नाबालिग चोर बालिका का आतंक: पुलिस कप्तान के निर्देश के बाद जागी नौतनवा पुलिस, लेकिन चौकी प्रभारी का गैरजिम्मेदाराना बयान उभरा सवालों के घेरे में।
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क: व्यापारिक
दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण कस्बा नौतनवा इन दिनों एक 14 वर्षीय नाबालिग चोर बालिका के आतंक से जूझ रहा है। बीते कुछ दिनों से कस्बे की दुकानों और धार्मिक आयोजनों में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई दुकानदारों ने इस बालिका को रंगे हाथों पकड़कर पूछताछ की, जिसमें उसके पास से नगदी और मोबाइल बरामद हुए। आरोपित बालिका को पुलिस के हवाले कर दिया गया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पुलिस ने बिना किसी ठोस कार्रवाई के उसे छोड़ दिया।छुटने के कुछ ही घंटों बाद बालिका पुनः सक्रिय हो गई और माता बनैलिया मंदिर में आयोजित मांगलिक कार्यक्रमों के दौरान बाहर से आए श्रद्धालुओं के मोबाइल समेटते हुए एक बार फिर पकड़ी गई। स्थानीय लोगों ने उसे दोबारा पकड़कर नौतनवा पुलिस को सौंपा, लेकिन इस बार भी पुलिस का रवैया ढुलमुल रहा। पुलिस की इस उदासीनता को लेकर नगर के व्यापारियों में भारी आक्रोश है। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस बार-बार नाबालिग का हवाला देकर कार्रवाई से बच रही है और यह कहकर पल्ला झाड़ रही है कि जब तक कोई लिखित तहरीर नहीं देगा, कार्रवाई नहीं होगी।
जब इस मामले को इंडो नेपाल न्यूज़ ने प्रमुखता से उठाया, तो जिले के तेजतर्रार, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने मामले को संज्ञान में लेते हुए नौतनवा पुलिस को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद स्थानीय पुलिस महकमे में खलबली मच गई। हालांकि, चौकी प्रभारी नौतनवा का गैरजिम्मेदाराना बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा, “नगर में चोरियां होती रहें, जब तक कोई व्यापारी या व्यक्ति लिखित शिकायत नहीं करेगा, हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते।”
इस बयान से नगर के व्यापारियों में और भी ज्यादा नाराजगी फैल गई है। व्यापारियों का कहना है कि “हमें दुकानदारी करनी है, पुलिस के आगे-पीछे थाने का चक्कर कौन लगाएगा?”
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नौतनवा जयप्रकाश त्रिपाठी ने इंडो नेपाल न्यूज़ से बात करते हुए स्पष्ट किया कि, “अगर कोई तहरीर नहीं भी देता है, तब भी कार्रवाई होगी। मैं स्वयं पूरे मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कदम उठाऊंगा।” नगरवासियों और व्यापारियों की मांग है कि इस नाबालिग चोर बालिका को सुधार गृह भेजा जाए तथा उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए, ताकि नगर का अमन-चैन और व्यापारिक वातावरण सुरक्षित रह सके।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नाबालिग होने के नाम पर क्या अपराधों को नजरअंदाज कर देना चाहिए, और क्या पुलिस की जिम्मेदारी केवल तहरीर तक सीमित होनी चाहिए?
महाराजगंज- उत्तर प्रदेश।





