सोनौली की जन्नतुल फिरदौस जामा मस्जिद में की गयी जुमे की नमाज अदा
सोनौली की जन्नतुल फिरदौस जामा मस्जिद में की गयी जुमे की नमाज अदा
बकरीद इस्लाम धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व -मौलाना असगर अली
आई एन न्यूज सोनौली डेस्क:
भारत-नेपाल के अंतरराष्ट्रीय महत्व के कस्बे सोनौली में स्थित जन्नतुल फिरदौस जामा मस्जिद में आज बड़ी संख्या में नमाज़ियों ने जुमे की नमाज अदा की। मस्जिद परिसर में नमाज के बाद लोगों को मौलाना असगर अली साहब ने बताया कि इस वर्ष बकरीद का त्योहार 7 जून को मनाया जाएगा। बकरीद की ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज भी उसी दिन, यानी 7 जून को अदा की जाएगी।
मौलाना असगर अली ने बताया कि कई लोग यह भ्रम पाल लेते हैं कि यदि जुमे के दिन बकरीद होती है तो ईद की नमाज उसी दिन पढ़ी जाती है, जबकि वास्तव में बकरीद की नमाज हमेशा बकरीद के दिन ही अदा की जाती है, चाहे वह किसी भी दिन पड़े।
उन्होंने कहा कि बकरीद इस्लाम धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। सोनौली क्षेत्र में भी इस अवसर पर परंपरागत रूप से बकरों की कुर्बानी दी जाती है। बकरा एक ऐसा जानवर है जिसे ज्यादातर लोग पसंद करते हैं और बकरीद पर उसकी कुर्बानी दी जाती है ताकि समाज में त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश फैलाया जा सके।
मौलाना ने लोगों से अपील की कि बकरीद के दिन एकजुट होकर नमाज अदा करें और अमन-चैन के लिए दुआ करें। मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान विशेष तौर पर क्षेत्र की तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए भी दुआ मांगेगे।
महाराजगंज– उत्तर प्रदेश।





